पाक जासूस नवाब को लेकर बड़ा खुलासा, पर्यटक व्यवसाय की आड़ में करता सैन्य जानकारी एकत्रित

सीमावर्ती जैसलमेर जिले के सम क्षेत्र से गत दिनों पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के संदेह में इंटेलिजेंस की ओर से पकड़े गए नवाब खां को जयपुर से लेकर राज्य इंटेलिजेंस पुलिस के अधिकारी गुरुवार को जैसलमेर मुख्यालय पर पहुंचे। यहां वे नवाब खां की गतिविधियों के ठिकानों पर उसे लेकर पहुंच रहे हैं और आवश्यक कार्रवाई कर रहे हैं। नवाब खां ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसएस को सीमा सुरक्षा बल और सेना के फोटो खींचकर सूचनाएं भिजवाई थी।जानकारी के अनुसार टीम उसे सम क्षेत्र भी ले जाने वाली है। नवाब खां सम क्षेत्र के गांगा की बस्ती का बाशिंदा है और उसे पिछले दिनों राजस्थान इंटेलिजेंस की जयपुर से आई टीम ने दबोचा था। नवाब खां पाकिस्तान में रहकर आइएसआइ से जासूसी का प्रशिक्षण लेकर लौटा है।बता दें कि जासूसी मामले में गिरफ्तार जैसलमेर के सम क्षेत्र स्थित गांगा बस्ती निवासी नवाब खां पुत्र मठार खां ने पाक में एक माह तक प्रशिक्षण लिया था। भारत लौटने के बाद उसकी गतिविधियां बढ़ गई थी। तब से वह खुफिया एजेंसियों की नजर में था। पुलवामा हमले और एयर स्ट्राइक के बाद नवाब खां पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के लगातार संपर्क में था। वह भारतीय सीमा पर बीएसएफ व सेना की गतिविधियों की जानकारी आइएसआइ को दे रहा था। आइएसआइ को सूचना देने के बदले उसने 5 हजार रुपए लिए थे। इंटेलिजेंस सूत्रों की मानें तो नवाब खां का पाकिस्तान में सुमार खां नाम का व्यक्ति रिश्तेदार है जो आइएसआइ से मिला है। पिछले साल जनवरी-फरवरी में सुमार खां से मिलने ही नवाब खां पाकिस्तान गया था। राजस्थान पुलिस की इंटेलिजेंस विंग ने उसे पकड़ा था।नवाब खां सम क्षेत्र में जीप चलाने का कार्य करता है। कई महीनों से उस पर सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी थी। जानकारी यह भी सामने आई है कि जयपुर से आई टीम ने नवाब को फिल्मी अंदाज में दबोचा।

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