कैला मां के दरबार में धोक लगाने के बड़ी संख्या में श्रद्धालुओ क पदयात्रा कर पहुंचना शुरू

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करौली। उत्तर भारत के प्रसिद्ध कैलादेवी आस्थाधाम में सोमवार से शुरू हो रहे कैलामाता चैत्र माह लक्खी मेले में पदयात्रियों की आवक बढ गई. माता के दरबार में पहुंचने के लिए श्रद्धालूओं की कतार लगी है।.सैंकडों किलोमीटर की पदयात्रा कर श्रद्धालु माता के दरबार की ओर बढ रहे हैं। इसके चलते हिण्डौनसिटी से करौली और करौली से कैलादेवी तक का मार्ग श्रद्धालुओं से अटा हैैं। राह माता के जयकारों से गुंजायमान हो रही है। उत्तरप्रदेश के आगरा, एटा, हाथरस सहित अन्य स्थानों से यात्री अपने परिजनों, मित्रों के साथ जत्थों के रूप में जा रहे हैं। वाहनों पर सजे माता के मंदिर और डीजे पर नाचते-गाते चल रहे पदयात्रियों से पूरा मार्ग धर्ममय बना हुआ है. गौरतलब है कि एक पखवाडे तक चलने वाले कैलादेवी मेले में राजस्थान के विभिन्न जिलों के अलावा उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात, दिल्ली आदि राज्यों से 30 से 40 लाख श्रद्धालु आते हैं. माता के दरबार में दर्शनों को जा रहे श्रद्धालूओं की आवभगत में धार्मिकजन जुटे हुए हैं। हिण्डौन से कैलादेवी तक के करीब 55 किलोमीटर तक के रास्ते में दर्जनों स्थानों पर भण्डारे लगाए गए हैं जहां पदयात्रियों   को भोजन-नाश्ता कराया जा रहा है. मां के भक्तों की सेवा में भण्डारा संचालक आग्रह कर उन्हें भोजन करा रहे हैं. वहीं कई स्थानों पर यात्रियों के लिए टेंट लगाकर विश्राम स्थल, चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. भण्डारों में कहीं हलवा-पूडी खिलाई जा रही है तो कहीं बुफे में यात्रियों को पकवान खिलाए जा रहे हैं। वहीं नाश्ते में कचौडी पकौडी के साथ बेडई, जलेबी, पोहा व अन्य खाने की चीजे दी जा रही हैं.

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