चिलचिलाती और तपती धूप में गौ वंश आश्रय स्थलों के खुले में रहने को मजबूर, दावों की खुली पोल

प्रयागराज तहसील कोराँव के विकास खण्ड कोराँव के ग्रामपंचायतों में लगभग चार महीने से पवारी गौ वंश आश्रय स्थल का निर्माण अस्थाई तौर पर पवांरी, बड़ोखर, महुली, बहरैचा, पथरपुर, आदि जगहों पर किया गया है, लेकिन बिडम्बना है कि गौ वंश के लिए किसी भी प्रकार की छावनी की व्यवस्था और छाया का कोई प्रावधान सरकार की तरफ से नही है इन आश्रय स्थलों पर सरकारी स्तर पर काम नही हो रहा है। इस चिलचिलाती धूप में गाय, बैल, बछड़े खुले में रह रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इतना ही नहीं आऐ हुए अधिकारियों के द्वारा जाँच तो की जाती है लेकिन एक भी पैसा पशुओं के रख रखाव और मवेशियों के चारे के लिए नहीं दिया जाता है। और बस खानापूर्ति करके व्यवस्था को चाक चौबंद रखा जाता है। जबकि तीन, चार महीने के दौरान संख्या बढ़ती और घटती रहती है। अब ऐसे समझा जा सकता है कि सरकारी दावे तो बहुत है और खासकर सीएम योगी ने गौ वंश आश्रय स्थलों पर भारी भरकम रकम कख बजट भी बनाया है लेकिन आप देख सकते हैं कि किस तरह से गौ वंश तपती धूप में है और इनके रख रखाव भारी अव्यवस्था है। समय रहते इस समस्या की ओर सरकार को ध्यान देना चाहिए वरना गर्मियों में गौ वंश के मरने का सिलसिला हो सकता है क्योंकि जिन लोगों को सरकार ने जिम्मेदारी दी है वो अपनी जिम्मेदारियों के बोझ से बचने का काम कर रहे हैं।

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