मंशा देवी के इस मंदिर में पूरी होती हैं सबकी मनोकामनाएं

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सैकड़ों साल पुराने मनसा देवी मंदिर का निर्माण खूटेल वंशीय 24वीं पीढ़ी के श्री जगन प्रसाद आत्मज श्री मुरलीधर द्वारा कराया गया है. ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर पर कभी मनसा देवी ने भक्तों को निराश नहीं लौटाया. तीसरी पीढ़ी के महाराज हिंदू सम्राट अनंगपाल जी का जन्म हुआ और उन्होंने ही राज ग्रहण करने के बाद इंद्रप्रस्थ का नाम बदलकर दिल्ली रखा. दिल्ली के सिंहासन पर वह 36 वर्ष 2 माह 5 दिन आसीन रहे बाद में महाराज के विचार बदले तथा ब्रज की ओर प्रस्थान किया. मथुरा के विश्राम घाट जमुना में अपने सैनिकों सहित स्नान किया. इसी रात्रि में मनसा देवी, जो सदैव उनके मन में रहती थीं उन्होंने महाराज के स्वप्न में कहा, ‘मैं तुम्हारे साथ हूं तुम पुनः दिल्ली का अधिकार प्राप्त करो.' विश्राम करते समय मनसा देवी ने यहीं पर विराजने की बात कही. अनंगपाल ने देवी के मंदिर का निर्माण कराकर मनसा देवी की स्थापना की.

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