टाइगर रिजर्व की तार फेंसिंग में बड़ा घोटाला, बंदरबांट कर बजट को लगाया ठिकाने

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पीलीभीत में टाइगर रिजर्व बनने के बाद आये दिन बाघों के इंसान को निवाला बनाने की घटनाएं सामने आती रही हैं। जनपद में लगभग अब तक 3 दर्जन लोग बाघों का शिकार बन चुके हैं। 16 अगस्त 2017 में सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आने के बाद पीलीभीत टाइगर रिजर्व में तार फेंसिंग के लिये डेढ़ करोड़ रुपये स्वीकृत हुए। लेकिन अफसोस तार फेंसिंग के लिये डेढ़ करोड़ रुपये का बजट तो आया लेकिन पीलीभीत वन विभाग के अधिकारियों ने तार फेंसिंग के नाम पर जमकर घोटाला किया। तार फेंसिंग में बेहद घटिया और पतला तार लगाया गया। पतला तार होने के कारण तार पर कोई डंडा भी मार दे तो तार टूटकर जमीन पर गिर जाता है। जिससे बाघ या कोई भी जंगली जानवर बिना रोक टोक गांवो में घुस आता है। आज भी यहां के लोग भय के साए में अपनी जिंदगी गुजार रहे हैं।

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