घाघरा पर अरबों की लागत से बना बंधा कटने की कगार पर, दर्जनों गांवों में बाढ़ का संकट गहराया

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घाघरा नदी की बाढ़ को रोकने के लिए अरबों रुपए की लागत से बने तटबंध को नदी द्वारा काटा जा रहा है। बांध कटने की शुरूआत हो चुकी है। बांध की कटान को देखकर बांध के आसपास रहने वाले दर्जनों गांवों के हजारों लोग काफी हलकान हैं। जनपद की सीमा पर स्थित विकास खंड रामपुर मथुरा की जनता को घाघरा की बाढ़ विनाश लीला से छुटकारा दिलाने के लिए सरकार द्वारा अरबों रूपए खर्च कर काशीपुर, चहलारी होते हुए बाराबंकी के गनेशपुर तक करीब 35 किमी लंबे बांध का निर्माण कराया गया था। बांध बनने के बाद रामपुर मथुरा वासियों को बाढ़ से निजात मिली थी। विकास खंड की ग्राम पंचायत बगस्ती के पास बने तटबंध का कुछ हिस्सा घाघरा नदी ने काट दिया है। नदी द्वारा तटबंध की कटान को देखकर आसपास के गांवों में रहने वालों की नींद उड़ चुकी है। गांव के संतोष कुमार, मनोहर लाल, राम सिंह, सुभाष आदि ने बताया कि जिस तेजी से घाघरा का जलस्तर बढ़ रहा है। उसी तेजी से बांध का कटान हो रहा है। यदि बांध कटा तो क्षेत्र के सैकड़ों गांव में बाढ़ आ जाएगी। जिससे हजारों बीघा में धान, मकई, उरद की खड़ी फसल बरबाद हो जाएगी और लोगों का जीवन नरक हो जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि यदि तटबंध कटा तो पास के शुकुलपुरवा, बगस्ती, केंवड़ा आदि ग्राम पंचायतों के दर्जनों पुरई-पुरवों में बर्बादी ही दिखाई देगी।       

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