गैंगरेप पीड़ित परिवार बदनामी की वजह छोड़ना चाहता है गांव

अलवर जिले के थानागाजी गैंगरेप पीड़ित का परिवार लगातार हार रही बदनामी से सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से परेशान हो चला है और अब गांव छोड़कर दूसरी जगह बसना चाहता है। इसके इस क्षेत्र से विस्थापन होना चाहता है। पीड़ित परिवार के लोगो ने सरकार से अपील की है कि पीड़ित दम्पति को सरकारी नोकरी दे और उनका यहाँ से ऐसी जगह विस्थापित करवाया जाए जहाँ उनको कोई नही पहचान सके ।जिससे वे अपना जीवन को शान्ति से जी सके। पीड़ित परिवार ने थानागाजी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पीड़िता के पति को रात पर जबरन थाने में बैठाए रखा और आरोपियों की गिरफ्तारी के कोई प्रयास नही किये। यही नही पुलिस आरोपियों के ठिकाने पर बैठ कर पीड़ित पक्ष को भी वहीँ बुलाती थी। पुलिस आरोपियों से मिली हुई थी इसलिए कोई कार्यवाही नही की। पीड़ित दम्पति ओर उंसके परिजनों ने बताया कि गैंगरेप की घटना की बदनामी से बचने के लिए उन्होंने तीन दिन तक चुपचाप रहकर मामला भी दर्ज नही करवाया था। लेकिन आरोपियों की धमकियों के परेशान होकर मुकदमा दर्ज करवाया तो पुलिस ने उनसे अपराधी की तरह बर्ताव किया और बड़ी मुश्किल से मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद कार्यवाही 5दिन बाद मीडिया की सुर्खियां बनने के बाद शुरू की गई थीं। इस घटना के देशभर में उनका परिवार बदनाम हो चुका है। गांव में रोजाना सैकड़ो लोगो का आना जाना लगा रहता है। ऐसे में उनकी पहचान भी छिपी नही रह पाई है। पीड़ित दंपति का कहना है कि अब क्षेत्र में सभी लोग उन्हें इंगित कर बताते हैं कि गैंगरेप पीड़ित यह लोग हैं इसलिए अब उनका भविष्य में जीना मुहाल हो जाएगा यही नहीं उनके घर में 4 दिन बाद परिवार में शादी है शादी के माहौल में राजनेताओं की आवाजाही से पूरा परिवार शर्मसार हो रहा है और राजनीति से जुड़े हुए लोग इसे राजनीतिक मुद्दा बनाकर लगातार बयानबाजी कर रहे हैं और उनसे मिलने आने के बाद फोटो और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल रहे हैं जिससे उनकी ओर लगातार बदनामी हो रही है उन्होंने मांग की है कि सरकार ऐसे कदम उठाए जिससे कि उनके घर लोगों का आना बंद हो और उन्हें सरकारी नौकरी देकर विस्थापित किया जाए जिससे कि उनका जीवन सुधर सके।

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