जाको राखे साईयां मार सके न कोय

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जाको राखे साईयां, मार सके न कोय’ यह कहावत महाराष्ट्र के जलगांव निवासी मगन नरायन पाटिल पर सटीक बैठती है। वह फिसर कर सरयू नदी की धारा में बह गए। 45 किमी तक सरयू नदी उन्हें अपने गोद में लिए बहाती रही और दो धाराओं के बीच बस्ती में देवारा गंगबरार गांव के पास कटान में एक डाली उनका सहारा बनी। शौच के लिए आए ग्रामीणों ने अधेड़  को पानी में फंसा देखा तो नाव के सहारे बाहर निकाला। दुबौलिया थाने के देवारा गंगबरार में शुक्रवार की शाम गांव के राजेन्द्र और बाबूराम शौच के लिए गए थे। इन लोगों ने देखा कि सरयू की कटान में एक डाल को पकड़े अधेड़ पानी में जूझ रहा है। आनन-फानन में दोनों ने अन्य ग्रामीणों को सूचना दी और नाव लेकर कटान स्थल पर पहुंच अधेड़ को बाहर निकाला। वह ठंड से कांप रहा था। ग्रामीण उसे गांव में लाकर अलाव से गर्मी दिए। अपने घर से कपड़ा व भोजन देकर अधेड़ की स्थित को सामान्य किया। हालात सामान्य होने पर बुजुर्ग ने अपना नाम मगन नरायन पाटिल पुत्र नरायन सेधाराम पाटिल निवासी बाबूर खुर्दा जिला जलगांव महाराष्ट्र बताया। मगन ने बताया कि वह अयोध्या में सरयू नदी के किनारे झुके थे कि अनियंत्रित होकर पानी में गिर गए। उसके बाद उन्हें याद नहीं है कि आगे क्या हुआ। कैसे पानी में बहते हुए यहां तक पहुंच गए। भगवान का शुक्र है कि आप लोग पहुंचे और मुझे जीवित निकाल लिया। शनिवार की शाम ग्रामीण मगन नरायन को लेकर दुबौलिया थाने पहुंचे। लेकिन पुलिस ने कोई खासी रुचि नहीं दिखाया। इस पर ग्रामीणों ने चंदा एकत्र करते हुए 750 रुपया मगन को दिए, और छावनी में रोडवेज की बस पर बैठा कर अयोध्या के लिए रवाना किया।

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