रहमत का असरा गुजरा,अब मगिफरत प्रारंभ,रमजान माह का दूसरा पहर शुरू

माहे रमजान का आसरा बिताने के साथ ही शुक्रवार से मगिफरत का असरा शुरू हो गया । पहले हिस्से को रब की रहमते बरसाने वाला माना जाता है। जो दस दिन तक चलता है। जबकि आखरी हिस्से की जहनुम से निजात का जरिया माना गया है । महाजन मस्जिद के इमाम अब्दुल रहीम बताते है। रमजान के तीस रोजो को तीन हिस्सों में बांटा गया है। एक से दस रोजे के हिस्से को रहमत, ईग्यारह से बीस को मगिफरत,इक्कीस से आखरी रोजे तक हिस्से जहनुम से निजात का हिस्सा माना गया है। शुक्रवार से मगिफरत का हिस्सा शुरू हो गया है । लिहाजा रब की बारगाह में सच्चे दिल से तौबा कर माफी तलब की जाए । सबके प्रति दिल मे मोहब्बत रखे । ईष्र्या जलन से बचे । अल्लाह की इबादत करते हुए इन कमजोरियों पर जीत हासिल करना जिंदगी का मकशद है ।इस बार जुम्मा तुला विदा की नमाज इकतीस मई को होगी। इससे अगले दिन एक जून को शब-ए-कद्र होगी। रमजान में मस्जिदों में ईशा की नमाज के बाद तरावीह पढ़ाई जाती है ।

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