राया में पैर जमा रही इगलास की प्रसिद्ध चमचम

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आज के दौर में जरुरत का हर सामान आपको कहीं भी मिल सकता है.लेकिन अभी भी कुछ चीजें केवल वहीँ मिलती हैं या यूँ कहें कि वहीँ की प्रसिद्ध होती हैं जहाँ से उनकी पहचान है .जैसे मथुरा के पेड़े,आगरा का पेठा. ऐसी ही एक मिठाई है चमचम जो केवल इगलास की पहचान है.लेकिन इगलास की प्रसिद्ध मिठाई अब राया में खूब बिक रही है.छेने से बनी यह मिठाई पहले केवल इगलास में ही मिला करती थी. लेकिन राया में एक साल पहले एक दूकानदार ने इन्हें बनाना शुरू किया.और देखते ही देखते चमचम की बिक्री राया में बढ़ने लगी. त्योहारों पर भी इसकी बिक्री में काफी उछाल देखा जाता है. आज भी राया में केवल दो ही दुकानदार चमचम बना रहे हैं. राया के माँट चौराहे स्थित दो दुकानों पर बड़े बड़े बोर्ड लगाकर इन्हें बेचा जा रहा है. उन्हीं में से एक दूकानदार हरिबाबू अग्रवाल बताते हैं कि लोगों को राया की चमचम खूब पसंद आ रही है. पहले की अपेक्षा काफी मांग बढ़ी है. वहीँ एक अन्य दुकानदार सुभाष बताते है कि पहले राया के लोगों को इगलास तक भागना पड़ता था लेकिन उनकी पसन्दीदा मिठाई चमचम अब राया में ही मिल जाती है. लोगों की डिमांड की वजह से ही इसे यहाँ बनाना शुरू किया गया था और अब इनकी डिमांड में काफी बृद्धि हुई है.

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