यमुना में छोड़ा गया 8 लाख क्यूसेक पानी, उफान पर यमुना

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पहाडों पर भारी बारिश के चलते हथनीकुंड बेराज पर पानी का बहुत अधिक दबाव बन गया हैं। जिसके चलते हथनीकुंड बेराज से रविवार सुबह 3 बजे 7 लाख 60 हजार 466 क्यूसेक तथा शाम 4 बजे 7 लाख 87 हजार 277 क्यूसेक पानी छोडा गया। जिसके सोमवार सुबह यमुना पुल पर आने के बाद यमुना उफान पर होगी। चार दिन पहले यमुना में छोडे गये डेढ लाख क्यूसेक पानी के कारण यमुना का जल स्तर डेढ मीटर बढ कर 230 मीटर खतरे के चेतावनी निशान तक पहुंच गया था। लेकिन बाद में पानी की मात्रा कम होने के कारण शनिवार शाम यमुना का जल स्तर घट कर 230 मीटर पर आ गया था। लेकिन मैदानी व पहाडी क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के कारण ताजे वाला बांध पर पानी का अधिक दबाव बन गया। जिसके कारण रविवार सुबह से ही हथनीकुंड बेराज से यमुना में प्रत्येक घन्टे के बाद छोडे जाने वाले पानी की मात्रा व गति लगातार बढती जा रहीं हैं। रविवार शाम 5 बजे यमुना का जल स्तर 230 मीटर पर था, लेकिन 20 घन्टे बाद पौने 8 लाख क्यूसेक पानी के कैराना क्षेत्र में आने के बाद यमुना अपना रौद्र रूप दिखायेगी। जिसके चलते क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। साथ ही प्रशासन की ओर से तटवर्ती गांवो में मस्जिदों व मन्दिरों से एलान कराकर यमुना से दुर रहने की चेतावनी दी गई है। हल्का लेखपालों को अपने-अपने क्षेत्र मे हर समय नजर रखने को कहा गया है। ड्रेनेज विभाग के एसडीओ ओमकार ने बताया कि पहाडों पर बारिश के चलते अभी और पानी के बढने की संभावना है। हथनीकुंड से शाम 4 बजे छोडा गया 7 लाख 87 हजार 277 क्यूसेक पानी कल सोमवार तक यमुना पुल के पास आ जायेगा। जिसके बाद यमुना खतरे के निशान को पार कर देगी। एसडीम डॉक्टर अमित पाल शर्मा ने बताया कि यमुना में पानी अधिक छोडा गया है। तटवर्ती गांवो में एलान करा दिया गया है। यमुना नदी से दुर रहने की सलाह दी जा रही है। साथ ही हलका लेखपालों व गांव के चौकीदारो को हर समय यमुना पर नजर रखने को कहा गया है। इसके अलावा चार बाढ चौंकिया व एक रेस्क्यू कैंप बनाया गया हैं।

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