शादी-बारात और धार्मिक आयोजन करवाने वालो के लिए बुरी खबर

अगर आप अपने बेटी-बेटे या कोई धार्मिक आयोजन करने जा रहे है।तो आप के लिया इससे बड़ी कोई खबर नही हो सकती क्यो की अब आप को ये सभी खुशी के पल बिना मियूजिक और बिना डीजे साउंड के ही करना पड़ेगा।ये हम नही कह रहे बल्कि उच्च न्यायालय ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस पी के बघेल और जस्टिस पंकज भाटिया की खंड पीठ ने ये फैसला सुनाया है। कि अब किसी भी धार्मिक या निजी शादी बारातों में डीजे साउंड बजाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।जिसके बाद अब आप को खुशी के ये सभी पल शोक व्यक्त करते हुए शांति से मनाने होंगे। इस निर्णय के बाद आम लोगो के साथ साथ साउंड लाइट व्यापारियों में भी कॉफी नाराजगी है।प्रतिबंध के आदेश आने के बाद आज शुक्रवार को कानपुर के डीजे साउंड और बैंड संचालको की एसोसिएशन ने एक साथ मिल कर बैठक की और इस आदेश के खिलाफ पुर्नविचार याचिका दायर करने की योजना बनाई।व्यापारियों का कहना है कि इस आदेश के बाद प्रदेश भर में लाखों परिवार बेरोजगार हो जायेगे।वही इस आदेश का सीधा असर आम लोगो पर भी पड़ेगा। शादी,धार्मिक आयोजन और राजनैतिक रैलियां भी फीकी पड़ जाएगी।जिससे खिलाफ अब कानपुर लाइट साउंड एसोसिएशन के बैनर तले आज बारादेवी इलाके में एक बैठक का आयोजन किया गया।जिसमें सर्वसमति से निर्णय लिया गया कि यदि इस आदेश को वापस नही लिया गया तो वो किसी भी आयोजन में अपने द्वारा साउंड व्यवस्था को नही लगाएंगे।

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