सीबीआई को लगा हाईकोर्ट से झटका

This browser does not support the video element.

अमेरिका की डीएनए एक्सपर्ट अम्बर बी कार को लेकर दायर रिवीजन पिटीशन खारिज। राजस्थान हाईकोर्ट जस्टिस पीके लोहरा की अदालत ने बहुचर्चित एएनएम भंवरी देवी अपहरण हत्या मामले में सीबीआई की ओर से पेश की गई याचिका को आज खारिज कर दिया। अभियोजन पक्ष की गवाह एफबीआई की अम्बर बी कार की गवाही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कराए जाने को लेकर सीबीआई ने ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका पेश की थी। जिस पर दो मई को दोनो पक्षो की सुनवाई पूरी होने के साथ ही फैसला सुरक्षित रखा गया था। आज कोर्ट ने 27 पृष्ठ का विस्तृत फैसला सुनाते हुए सीबीआई की प्रार्थना को खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट के निर्णय को ही यथावत रखा । अब ट्रायल कोर्ट गवाह को समन के जरिये ही तलब करेगा।सीबीआई की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पन्नेसिंह रातडी ने पक्ष रखा था। वही बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जगमालसिंह चौधरी, हेमन्त नाहटा व हनुमान खोखर ने पक्ष रखा। उन्होने कोर्ट को बताया कि अम्बर बी कार की गवाही को लेकर सीबीआई ने छह बार ट्रायल कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन छह बार ही खारिज हो गया है। सीबीआई ने सितम्बर 2018 से लेकर अब तक इसी आधार पर ट्रायल कोर्ट में 34 बार एडजोरमेंट लिया है। विडियो कॉन्फ्रेंसिंग को लेकर सीआरपीसी में कोई प्रावधान नही है। वही हाईकोर्ट के नये रूल्स 2018 में सिविल व क्रिमिनल रूल्स में भी प्रावधान नही है। गवाह ने कभी भी कोर्ट में आने से मना नही किया है। ऐसे में विडियो कॉन्फ्रेंसिंग से गवाही करवाना वैधानिक नही है। सीबीआई केवल मामले को लम्बित कर आरोपियों को प्रताडित करने का ही प्रयास कर रही है। आज कोर्ट ने सीबीआई की याचिका को खारिज कर दिया।

X

सर्कल जोधपुर
अपने शहर का अपना ऐप

ओसियां, तिंवरी, पीपाड़, फलोदी, बालेसर,... की हर खबर, वीडियो और भी बहुत कुछ! 👉

जोधपुर में 17000 से भी ज्यादा लोग हैं इस ऐप पर, आप भी इस सर्कल का हिस्सा बनें 👉

सर्कल ऐप
इंस्टॉल करें