दिल्ली के युवक का मर्डर, लाश जलाई झुंझुनूं में

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दिल्ली में अवैध संबंधों के चलते हुई रंजिश की कहानी राजस्थान तक आ पहुंची और अब राजस्थान पुलिस ने इस मामले का राजफाश भी कर दिया है। अपने ही कर्मचारी के संबंध घर में होने की जानकारी मिलने पर उसी के मालिक ने अपने साले के साथ मिलकर अपने कर्मचारी का ना केवल मर्डर कर दिया। बल्कि उसकी लाश को ठिकाने लगाने के लिए वे करीब 150 किलोमीटर दूर सूरजगढ़ आए और लाश को जलाकर पूरे सबूत भी खत्म करने की कोशिश की। लेकिन कहते है ना, कानून के हाथ लंबे होते है। वो साबित भी हुआ और दिल्ली की मर्डर मिस्ट्री खुल गई राजस्थान में, पेश है एक रिपोर्ट- जलती हुई लाश, हर तरफ सनसनी, कोई नहीं पहचान पाया लाश पुरुष की है या फिर कोई महिला की। लेकिन जब पुलिस लगी छानबीन में तो पकड़ ही लिया कि लाश तो पुरुष की है। पर कहानी कैसे बढ़े आगे। जी, हां झुंझुनूं के सूरजगढ़ थाना इलाके में पांच जून की शाम को जीणी के पास एक जलती हुई लाश मिली। यह लाश पूरी तरह से जल गई थी और उसकी पहचान होना बेहद मुश्किल था। लेकिन झुंझुनूं पुलिस ने एफएसएल और एमओबी के अलावा वो सभी तकनीक काम में ली। जिससे तय हो पाए कि आखिर लाश थी किसकी? लेकिन तिनका तिनका जुटाकर सूरजगढ़ पुलिस प्रथम दृष्टया यहां तक तो पहुंच गई कि लाश है किसी पुरुष की। झुंझुनूं पुलिस ने जब इस लाश को लेकर अपनी तफ्तीश शुरू की तो सबसे पहले सामने आया कि इस लाश से जुड़ी एक गाड़ी को ग्रामीणों ने देखा था। जिसके नंबर थे अंत के नंबर थे 65। लेकिन अब इस 65 नंबर के आधा पर जांच कैसे आगे बढ़े? यह सवाल था झुंझुनूं की सूरजगढ़ पुलिस के आगे। पर ज्यों ज्यों तफ्तीश आगे बढ़ी। मृतक के जींस की जेब जो जलने से बच गई थी। उसे लेकर पुलिस ने जांच शुरू की। जेब को फाड़ा गया तो उसमें एक आधा जला हुआ मेमोरी कार्ड मिला। यह मेमोरी कार्ड ही पुलिस के लिए सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट रहा। इस मेमोरी कार्ड को कई तकनीकी विशेषज्ञों से खुलवाया गया। लेकिन एक डिवाइस पर यह खुल गया। जिसमें मिला एक परीक्षा का प्रवेश पत्र। जिसके आधार पर पुलिस मलिकपुर दिल्ली तक पहुंची और सामने आया कि मलिकपुर दिल्ली से पांच जून को एक कपिल डागर गायब है और उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी सात जून को परिजनों ने जाफरपुर कलां थाने में दर्ज करवाई है। परिजनों से जब पुलिस मिली और शिनाख्ती करवाई तो सामने आया कि जिसकी लाश सूरजगढ़ में जल रही थी। वो कोई और नहीं, बल्कि दिल्ली के मलिकपुर का रहने वाला 21 वर्षीय कपिल पुत्र भूपेंद्र डागर ही था। पुलिस अभी भी खाली हाथ तो थी। लेकिन उसके पास काफी कुछ था भी। मृतक की पहचान थी और उसके परिवार के लोग। परिवार से पूछताछ की तो परिवार ने किसी से भी दुश्मनी होने से इंकार कर दिया। लेकिन मामला मर्डर का था, इसिलए पुलिस शांत नहीं बैठी। उसने उस दिन के सीसीटीवी फुटेज निकाले तो कपिल जिस गार्ड कंपनी में काम करता था। उसमें काम करने के लिए अपने निर्धारित समय पर घर से निकला था। उसका रूटीन था कि वह घर से निकलकर पास में ही रहने वाले कंपनी मालिक आजादसिंह के पास जाता और दोनों साथ निकलते। इस संदर्भ में जब पुलिस ने आजादसिंह से बातचीत की तो उसने कोई ठोस जानकारी नहीं दी। लेकिन जब पुलिस को पता चला कि आजादसिंह के पास एक गाड़ी है। जिसका नंबर अंत में 65 है। तो पुलिस को शक हुआ और उसने आजादसिंह से कड़ी पूछताछ की। आजादसिंह ने पांच जून को अपने साले रविंद्रसिंह के पास गाड़ी होना बताया। पुलिस ने रविंद्रसिंह को पकड़ा तो उसने कहा कि उसके साथ एक अन्य मजदूर अंसारी था। पुलिस ने अंसारी को पकड़ा तो अंसारी ने हत्या करना कबूल लिया। लेकिन कहानी यहीं पर खत्म नहीं हुई। दरअसल आजादसिंह और रविंद्रसिंह ने अंसारी नाम के इस मजदूर को पैसों का लालच देकर हत्या का आरोप अपने सिर लेने को राजी किया था। परंतु पुलिस की जांच में अंसारी हत्यारे के रूप में फिट नहीं बैठा। लेकिन जब अंसारी से कड़ी पूछताछ हुई तो उसने सच बताया और आजादसिंह और रविंद्रसिंह धरे गए। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि कपिल आजादसिंह के यहां गार्ड की नौकरी तो करता था। लेकिन घर का पड़ौसी होने के कारण उसके अच्छे संबंध थे। लेकिन कपिल ने इन संबंधों का नाजायज फायदा उठाते हुए आजादसिंह के परिवार में ही एक नाबालिग लड़की से अवैध संबंध बना बैठा। जिसकी जानकारी आजादसिंह को लगी तो उसने कपिल की हत्या करने की सोच ली। आजादसिंह ने पहले ही तय कर लिया था कि दिल्ली से कपिल को लेजाकर रास्ते में उसका मर्डर करेगा और दूर जाकर लाश को जला देगा। इसके लिए उसने पंजाब और झुंझुनूं में रैकी की और आखिरकार पांच जून को अपने साले के साथ मिलकर झुंझुनूं में ना केवल कपिल की लाश को जलाया। बल्कि इससे पहले उसकी हत्या भी कर दी।  दिल्ली में पड़ौस का प्यार का कब अवैध संबंधों तक पहुंच गया और लड़की के परिवार ने अपने परिवार के सम्मान में कब ऑनर किलिंग कर दी। यह तो समझ से परे है। लेकिन अब दो हजार के करीब गार्ड उपलब्ध करवाने वाली कंपनी चलाने वाला आजादसिंह और उसका साला रविंद्रसिंह जेल की हवा खाएंगे। वहीं दिल्ली जैसे महानगर से एक युवक का अपहरण हो गया और दिल्ली पुलिस ने आज दिन तक भी जब उन्हें मालूम चल गया है कि उनके यहां पर जिस युवक की गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज थी। उसका मर्डर हो गया है। उसने परिजनों के बयान तक नहीं लिए है। साथ ही झुंझुनूं पुलिस का तो यहां तक कहना है कि वे जब जब जांच के लिए दिल्ली गए। दिल्ली की पुलिस ने उनका कोई सपोर्ट नहीं किया। जो अपने आपमें सवाल पैदा करता है। 

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