प्रतिबंधित क्षेत्र में बिना परमिशन के लगे झूले

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कंकाली मंदिर के समीप भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण संरक्षित स्मारक है. यह स्मारक प्राचीन स्मारक एवं पुरातात्विक स्थल होने की वजह से अवशेष अधिनियम 1958 के अंतर्गत राष्ट्रीय महत्व का स्थल घोषित किया गया है. इस वजह से इस क्षेत्र में बिना परमिशन के किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य एवं मरम्मत कार्य पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध है. हाल ही में कंकाली मंदिर के सामने कुछ लोगों द्वारा अस्थाई रूप से झूले आदि लगा लिए गए. जीने लगाने की उनके पास कोई परमिशन नहीं थी. स्थानीय निवासियों द्वारा परमिशन ना होने की वजह से झूले आदि लगाए जाने का विरोध किया गया. इस संदर्भ में जब झूला मालिकों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनके पास संरक्षित स्मारक पर झूले लगाने की कोई परमिशन नहीं है. इस बारे में जब पुरातत्व विभाग के वरिष्ठ संरक्षक सहायक रामरतन से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यदि संरक्षित क्षेत्र में बिना परमिशन के झूले लगाए गए हैं तो उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही की जाएगी।

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