राजघराने से ताल्लुक रखने वाला गुड़िया तालाब,आज अपने अस्तित्व खोता जा रहा

This browser does not support the video element.

नगरपंचायत का ऐतिहासिक गुड़िया तालाब आज अतिक्रमण का शिकार हो गया है, 52 बीघे का तालाब आज शायद 10 बीघे में सिमट कर रह गया। इतिहास बताता है वर्तमान राजा महेंद्र प्रताप सिंह की पैदाइश नागपंचमी के दिन हुआ था इसीलिए उस समय के राजा कमलाकर सिंह ने इस तालाब में एक मंदिर का भी निर्माण कराया था आज भी वो मंदिर इस बात का गवाह है। इस गुड़िया तालाब में नागपंचमी के दिन गुलिया का ऐतिहासिक मेला लगता है, और आसपास के ग्रामीण इलाके के लोग भी इकठ्ठा होते हैं।बहनें अपने भाइयों के साथ आकर गुलिया पीटते है। लेकिन इतना ऐतिहासिक तालाब होने के बाद भी आज अपने किस्मत का रोना रो रहा है।बाजार की सारी गंदगी इसी तालाब में आकर गिरती है,जो लोग अतिक्रमण करके अपना मकान बनवा लिया है वो अपने शौचालय भी इसी तालाब में बनवाकर पूरा मलमूत्र इसी तालाब में आकर गिरातें है। कितनी बार लिखित शिकायत के बाद भी आज तक इस तालाब को कोई अधिकारी झांकने भी नही आया,लोगों का मानना है जो अतिक्रमण हो गया उसे छोड़े लेकिन जो बचा हुआ है उसका हो जीर्णोद्धार कराकर और गहरा करवा दें जिससे यहां का जलस्तर बना रहे और पानी की समस्या से लोगों को निदान मिल सके। औऱ एक पार्क भी इस तालाब के पास बन जाए तो छोटे बच्चों को एक जगह भी मिल सकती है खेलने को।

X

सर्कल प्रयागराज
अपने शहर का अपना ऐप

करछना, कोरांव, फूलपुर, सोरांव, हंडिया... की हर खबर, वीडियो और भी बहुत कुछ! 👉

प्रयागराज में 9000 से भी ज्यादा लोग हैं इस ऐप पर, आप भी इस सर्कल का हिस्सा बनें 👉

सर्कल ऐप
इंस्टॉल करें