शिवालिक पहाड़ियों पर हो रही मूसलाधार बारिश के चलते ग्रामीणों को सता रहा बाढ़ का खतरा

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दो दिनों से शिवालिक  पहाड़ी पर हो रही मूसलाधार बारिश से यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुच गया है। इसके अलावा हथनीकुंड बैराज से करीब 6 लाख 56 हजार क्यूसिक  पानी छोड़ा गया जिस कारण यमुना नदी उफान पर है। वही प्रशासन ने यमुना नदी किनारे बसे गाँव मे अलर्ट जारी करते लोगो को यमुना नदी से दूर रहने की हिदायत दी है। हथनी कुंड बैराज से  छोड़ा गये पानी से ग्रामीणों के खेतों में पानी भर जाने से उन्हें अपनी फसल खराब होने का खतरा सता रहा है।           शनिवार से शिवालिक पहाड़ियों व मैदानी इलाकों में हो रही मुसलाधार बारिस से यमुना नदी उफान पर है । हाथनीकुण्ड बराज से  रविवार को 6 लाख 56 हजार क्यूसिक पानी छोड़ा गया जिससे यमुना नदी उफान पर आ गई । यमुना नदी के बढ़ रहे जलस्तर को देखते प्रशासन ने यमुना से लगते गांव झरौली के प्राथमिक विद्यालय में  बाढ़ ग्रस्त चौकी स्थापित की है। एसडीएम नकुड़ पूर्ण सिंह राणा व थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने यमुना किनारे बसे गांव झरौली, हैदरपुर, घघोड ,ढिक्का, चोरी मंडी आदि  में पहुँच लाऊड स्पीकर द्वारा ग्रामीणों को  यमुना नदी से दूर रहने और अपने पशुओं को  यमुना नदी के पास नहीं जाने देने की अपील की है वही हथनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी से किसानों को उफनती यमुना नदी किनारे उगाई गई सब्जी की फसल के नष्ट होने के कगार पर है। ग्रामीण ने बाढ के खतरे को देखते हुए खेतो पर रखे उपकरणों  व अपने पशुओं को सुरक्षित स्थानो पर ले जा रहे है । ग्रामीणों शहजाद, सुनील, अमित, नरेंद्र, फिरोज, उस्मान,काला, प्रदीप आदि का कहना है कि प्रशासन द्वारा बाढ़ से बचने के लिये कोई भी जरूरी कदम नही उठाये जाते हैं यमुना नदी में पानी आने के बाद प्रशासन ग्रामीण  क्षेत्रों का दौरा कर अपने काम की इतिश्री कर देता है। बाढ़ आने से ग्रामीणों को भारी नुक़सान झेलना पड़ता है।

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