पत्थर मंडी बन्द,लाखों मजदूर पलायन को मजबूर

This browser does not support the video element.

महोबा जिले की कबरई पत्थर मंडी बंद हो गयी है।व्यवसायियों के अवगत कराने के बावजूद शासन प्रशासन द्वारा ध्यान न दिए जाने पर तीन सैकड़ा से अधिक क्रेशर प्लांट बन्द हो चुके हैं। पहाड़ो के सभी खनन क्षेत्र भी बन्द हो जाने से 6 हजार ट्रको के पहिये थम गए हैं। वही सभी खनन क्षेत्रों, क्रेशर प्लांटों में काम करने वाले एक लाख मजदूरों का रोजगार छिन गया है। रोजी रोटी की चिंता लिए हजारो कर्मचारी व मजदूर रोजगार के लिए बाहर पलायन करने को मजबूर हो गए हैं।बता दे कि महोबा जनपद की कबरई पत्थर उद्योग केंद्र करीब एक लाख लोगों को रोजगार देने के साथ ही शासन को भी अरबो रुपयों का राजस्व भी देता था उद्योग की सांसे बन्द होने से इस उद्योग में लगा विभिन्न बैंकों का लगा दो हजार करोड़ रुपया भी डूबने की कगार पर पहुंच गया है।शासन की गलत खनिज नीति के चलते बुन्देलखण्ड का एकमात्र उद्योग केंद्र के रूप में स्थापित पत्थर व क्रेशर ब्यवसाय पूर्ण रूप से बर्बाद हो गया।ब्यापारियों ने प्रशासन व शासन से कई बार गुहार लगाई परन्तु कोई निदान न निकलने के कारण लगातार घाटे में चल रहे ब्यापार को जब चलाना मुश्किल हो गया तब बीते 10 अगस्त को क्रेशर व पत्थर उद्योग यूनियन ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर खनिज नीति में संसोधन न किये जाने पर 17 अगस्त से पूरे उद्योग की सम्पूर्ण बंदी की घोषणा की थी ।

X

सर्कल महोबा
अपने शहर का अपना ऐप

महोबा, चरखारी, कुलपहाड़... की हर खबर, वीडियो और भी बहुत कुछ! 👉

महोबा में 5000 से भी ज्यादा लोग हैं इस ऐप पर, आप भी इस सर्कल का हिस्सा बनें 👉

सर्कल ऐप
इंस्टॉल करें