जरा संभलकर चले साहेब,सड़कों पर घूम रही मौत

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रसूलाबाद। यह महज कोई आश्चर्य करने वाली बात नहीं बल्कि हकीकत है। यदि आप सड़कों पर चल रहे हैं तो आपको संभलकर और सावधानी से चलने की आवश्यकता है। आपको जितना खतरा वाहनों से नहीं है उतना खतरा इन चीजों से होगा। लिहाजा सड़कों पर संभलकर चलें। रसूलाबाद क्षेत्र में इन दिनों आवारा पशुओं का आतंक चरम सीमा पर है। जिसके चलते एक ओर किसान भी परेसान है ।एक के बाद एक आवारा पशुओं के हमलों से निर्दोष लोगों की जानें जा रही है। लेकिन प्रशासनिक अधिकारी और जिम्मेदार चुप्पी साधे हुए है। सूबे की योगी सरकार ने बेसहारा पशुओं को आश्रय देने के लिए आश्रय स्थल बनाए। लेकिन उन आश्रय स्थलों का क्या फायदा जब आवारा पशु सड़कों पर घूम रहे हो और इंसान की जान के दुश्मन बन जाए। ऐसा एक बार नहीं कई बार हुआ। रसूलाबाद कोतवाली क्षेत्र में एक के बाद एक लगभग आधा दर्जन लोगों की जाने पशुओं के हमलों से जा चुकी हैं। ताजा मामला रसूलाबाद कोतवाली क्षेत्र के बर्रा ठर्रा गांव निवासी एक युवक का आया जिसको आवारा पशु ने खदेड़ा और नदी में गिरने से युवक की दर्दनाक मौत हो गई। वही एक माह पूर्व ऋषि आश्रम के निकट आवारा सांड़ ने एक वृद्ध पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया था। इसी तरह कोतवाली क्षेत्र के नारायणपुर कहिंजरी में खेत की रखवाली कर रहे किसान पर आवारा पशु ने हमला कर दिया था। जिससे उसकी मौत हो गई थी। न जाने कितनी घटनाएं आवारा पशुओं के हमले की सामने आई है। लेकिन प्रशासनिक अधिकारी इस बात से बेखबर हैं। आवारा पशुओं का सड़कों पर जमावड़ा रहता है। जहां से लोगों का निकलना तक मुश्किल हो जाता है। कई पशु वाहनों के आगे आ जाते तो कई चलते फिरते लोगों पर हमला कर देते है। आवारा पशुओं को सड़कों से दूर रखना चाहिए इसके लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी बनती है। लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा। नगरीय क्षेत्र में खुलेआम पशु घूम रहे हैं और लोगों पर हमला कर रहे हैं। आधा सैकड़ा से अधिक ऐसे मामले आए जिसमें आवारा पशुओं के हमले से लोग घायल हुए। आधा दर्जन से अधिक लोग आवारा पशुओं के हमले से अपनी जानें गंवा चुके। सड़कों पर इन दिनों लोगों को वाहनों से कम जबकि पशुओं से खतरा अधिक बढ़ गया है। इसको लेकर लोगों में खासी निराशा है।

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