दो सगे भाइयों की चिताएं एक साथ जलती देख नम हुई सभी की आंखे

नुमाइश कैंप स्थित श्मशान घाट में रविवार की रात पत्रकार आशीष और उनके भाई आशुतोष की चिताएं एक साथ जली तो वहां मौजूद लोगों की आंखे नम हो गई। परिवार के लोग फूट फूटकर रो पड़े। पोस्टमार्टम के बाद दोनों भाईयों के शवों को उनके घर पर लाया जाना था, लेकिन गढ़ी मलूक माधोनगर में क्षेत्रवासियों तथा रिश्तेदारों के बीच सड़क पर बैठे होने के कारण ये आसानी से संभव नहीं हो पा रहा था। जिसे देखते हुए पुलिस ने मौक़े पर पहुंच सड़क पर बैठे लोगों को हल्का बल प्रयोग कर हटाया।इसके बाद जैसे ही दोनो भाईयों के शव घर पर पहुंचे तो वहां भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हर कोई उनके आखिरी दर्शन करना चाहता था। भारी भीड़ के कारण पुलिस को भी दोनो के शव घर तक ले जाने के लिए भारी मशक्त करनी पड़ी। यहां से दोनो भाईयों की अंतिम यात्रा नुमाइश कैंप स्थित श्मशान घाट पहुंची तो वहां भी पहले से लोगों को भीड़ जमा थी। हर किसी में घटना को लेकर आक्रोश बना था। उस समय माहौल बेहद ग़मगीन हो गया, जब एक साथ दोनो भाईयों की चिताओं को मुखाग्नि दी गई और परिवार के लोग तथा रिश्तेदार फूट फूटकर रो पड़े। जिसे देख वहां मौजूद लोगों की आंखे भी नम हो गई। अंतिम यात्रा में सांसद फ़ज़लुर्हमान, नगर विधायक संजय गर्ग ,पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा, कांग्रेस के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद, मेयर संजीव वालिया, भाजपा महानगर अध्यक्ष राकेश जैन, पूर्व विधायक राजीव गुंबर, पार्षद चंद्रजीत सिह निक्कू, भाजपा नेता गौरव गर्ग अमित वर्मा ,भूपेंद्र शर्मा व्यापारी नेता कृष्ण लाल ठक्कर, विवेक मनोचा समेत विभिन्न राजनीतिक दलों, व्यापारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के अलावा काफी संख्या में पत्रकारबन्धु शामिल रहे।

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