राजनीतिक उपेक्षा का शिकार कस्बा खैरथल

राजनीतिक उपेक्षा का शिकार कस्बा खैरथल खैरथल ।आजादी के सत्तर साल बाद भी खैरथल कस्बा अपनी बदहाली पर आँसू बहा रहा है ।हमेशा से राजनीतिक उपेक्षा का शिकार रहा खैरथल कस्बा मूलभूत सुविधाओं से वंचित है ।करोड़ो रूपये का राजस्व देने वाले व्यापार जगत में प्रदेश की अग्रणी रहने वाली मंडी व एक लाख की आबादी वाला यह कस्बा आज भी सरकारी कालेज नही होने का दंश झेल रहा है । प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित राजस्थान के जितने भी मुख्यमंत्री रहे उनके खैरथल आगमन पर भव्य स्वागत सत्कार किया व खैरथल कस्बे में सरकारी कालेज खोलने की मांग की ।लेकिन किसी ने भी इस मांग पर तव्वजो नही दी । आज हालात यह हो रहे है कि सेकड़ो परिवार अपने बच्चों को बारहवीं क्लास पढ़ने के बाद अन्य काम मे लगा देते है ।दुखद पहलू यह भी है कि कस्बे की बच्चियों को परिजन अलवर कालेज में भेजना पसंद नहीं करते है ।ट्रेनों में रोजाना बच्चियों के साथ होने वाली बदसलूकी किसी से छुपी नही है । हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के विभिन्न इलाकों में नए कालेज खोले जाने की घोषणा की है लेकिन लिस्ट में खैरथल का नाम नही होने से लोग मायूस हो उठे । खैरथल कस्बा तीन तहसीलों का संगम स्थल है जहाँ से हजारों बच्चे उच्च शिक्षा के अन्यत्र पढ़ने जाते है ।लेकिन नेताओ की चिंता जातिगत आधार पर अन्य जगह तलाशने में लगी रहती है । कस्बा निवासी शिक्षाविद व पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी ब्रजनन्दन अवस्थी ने बताया कि शिक्षा के लिहाज यह कस्बा अत्यंत पिछड़ गया है ।जिसका दोष स्थानीय राजनेताओं को भी जाता है ।ये लोग विधायक के खैरथल आजाने पर चारो और ऐसे मंडराने लगते जैसे अमेरिका का राष्ट्रपति आया हो ।स्थानीय विभिन्न राजनीतिक दल के नेताओ को विधायक सहित मंत्रियों का बहिष्कार करना चाहिए ।इसके अलावा खैरथल विकास मंच के उपाध्यक्ष श्यामलाल शर्मा ने भी खैरथल कस्बे के लोगो की कमजोर इच्छा शक्ति को जाग्रत होने की आवश्यकता बताई ।शर्मा ने कहा कि इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा जहाँ कस्बे की विधानसभा लिस्ट में खैरथल विधानसभा का नाम पलटने के बाद किसी भी स्थानीय नेता या जनता विरोध नही किया ।परिणामस्वरूप खैरथल विधान सभा का नाम बदलकर किशनगढ बास विधानसभा कर दिया ।उन्होंने खैरथल कस्बे में कालेज खोले जाने की मांग की है ।व्यापार मंडल के अध्यक्ष अशोक डाटा ने भी कस्बे में सरकारी कालेज खोंलने की मांग की है । किशनगढ बास के प्रधान ओमप्रकाश रोघा ,नगरपालिका की अध्यक्ष मीना जाटव ,अलवर जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष गिरीश डाटा ,जिला सचिव फतेह मोहम्मद ,भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रमिल जसोरिया ,पूर्व अध्यक्ष पवन अग्रवाल ,सेवक लालवानी ,नारायण छंगाणी ,देश राज जांगिड़ ,पूर्व पार्षद मोहनलाल शर्मा ,डॉ एम पी खुराना समेत अनेको स्थानीय निवासियों ने कस्बे में सरकारी कालेज खोले जाने की मांग की है ।

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