चलो चलें कुंभः अघोरियों की रहस्यमयी दुनिया

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आज हम सिरीज के खास अंक में आपको एक ऐसी बात बताने जा रहे हैं, जिसे जानने की उत्सुकता आपके मन में भी होगी..साधु से लेकर संत तक, आम लोग से लेकर महंत तक सब कुंभ में आते हैं, लेकिन आज हम जिनकी बात करने जा रहे हैं वो शमशान में रहते हैं.. इंसानों का मांस खाते हैं तो जानवरों का भी.. तंत्र मंत्र की सिद्धि करते हैं तो कठिन साधना भी.. उन्हें हम अघोरी के नाम से जानते हैं.. अघोरी बाबाओं का जीवन बहुत ज्यादा कठिन और रहस्यमयी होता है. आइए जानें अघोरी बाबा की रहस्यमयी दुनिया के बारे में....अघोरी बाबा देर रात शमशान में तंत्र-क्रियाएं और साधनाएं करते हैं. इनका इतिहास लगभग 1000 वर्ष पुराना है. अघोरी बाबाओं की जीवनशैली काफी कठिन होती है. इनका स्वरूप भी दूसरे बाबाओं के मुकाबले काफी अलग और डरावना होता है. एक बाबा को अघोरी का दर्जा तभी दिया जाता है, जब वह मन से प्रेम, नफरत, बदला, जलन आदि सभी तरह के भाव से मुक्त हो जाए.कई लोग अघोरी बाबाओं को डरावना समझते हैं, लेकिन वास्तव में अघोरी बाबा डरावने नहीं होते हैं, बल्कि इनकी वेशभूषा डरावनी होती है. साथ ही ये बहुत ही सरल होते हैं और किसी भी चीज में भेदभाव नहीं करते हैं. कहा जाता है कि अघोरी बाबा लोगों या दुनिया की किसी भी चीज में कोई रुचि नहीं रखते हैं. इनकी अपनी अलग दुनिया होती है. अघोरी बाबा इस धरती की हर चीज को भगवान शिव और मां काली का अंग मानते हैं. यही कारण है कि अघोरी बाबा के जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य भगवान शिव और मां काली को प्रसन्न कर के उनसे शक्तियां हासिल करना होता है. अघोरी बाबा, मां काली की पूजा भैरवी, बगलामुखी और धूमवती तीन स्वरूपों में करते हैं. जबकि, भगवान शिव को वे भैरव, महाकाल और वीरभद्र के रूप में पूजते हैं.अघोरी बाबा अपनी ज्यादातर साधना शमशान घाट में रहकर करते हैं. उनका मानना है कि अंधेरी रात में शमशान में जलती हुई चिताओं और कंकालों के बीच बैठकर साधना करने से शीघ्र ही फल मिलता है. मान्यता है कि अघोरी बाबा शमशान घाट में शमशान साधना, शव साधना और शिव साधना करते हैं. कहा जाता है कि अघोरी बाबा आम लोगों से दूरी बनाकर रहते हैं. स्वभाव से यह बाबा बहुत जिद्दी होते हैं और जल्दी किसी को आशीर्वाद भी नहीं देते हैं. लेकिन जिस व्यक्ति को इनका आशीर्वाद मिल जाए उसका जीवन सुखमय हो जाता है. यही कारण है कि कुंभ के मेले में अघोरी बाबा आकर्षण का केंद्र होते हैं.

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